*अगर चाहिए घर में सुख शांति, तो करें ये उपाय ?* ज्योतिषाचार्य डॉ उमाशंकर मिश्र 94150 87711 इस संसार में सुख और शांति ऐसी वस्तु है जिनको निश्चित ही प्रत्येक मनुष्य प्राप्त करना चाहता है और इस हेतु वह कुछ भी देने के लिए तैयार हो जाता है। परंतु मन की पूर्ण शांति उसे फिर भी प्राप्त नहीं होती है। यहां पर कुछ अनुभूत सरल उपाय दिए जा रहे है जिनके द्वारा आप आसानी से सुख और शांति के प्राप्त कर सकते है। ये उपाय ऐसे हे जिन्हें आप प्रारम्भ तो करेंगे पर आपका मन इन्हें छोडने का नहीे होगा। रोज प्रातः स्नानादि से निवृत होकर एक ताॅबे के पात्र मे ताजा जल लें। उसमे 7 तुलसी के पत्ते डालकर भगवान् विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सम्मूुख रखें और 11 बार ओम् नमो भगवते वासुदेवाय का मंत्र पढे फिर वह जल पत्ते सहित पुरे परिवार को पीने के लिए देवें। भगवान् के मंदिर जाते है तो एक निश्चित समय जैसे 8.00 बजे जाना है तेा 8.00 बजे ही मंदिर पहुॅचे, कहने का तात्पर्य हे यह कि पुर्णतः समय के पाबंद बन जाएॅ, ईश्वर भी आपकी भक्ति से जल्दी ही प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूर्ण करेगा। रोज तीन रोटी अलग से रखे, एक गाय के लिए, एक कूत्ते के लिए तथा एक के छोटे-छोटे दानें बनाकर चिडियों को या कौओं को डालें। घर मे पुुजा के स्थान पर एक अखण्ड दीपक जलाएॅ और उसे बुझने न दें। असमे समय घी तथा बाती डालते रहें। रोज केसर चंदन का तिलक लगाकर ही घर से निकलें। शाम के समय चींटियों का आटा डालें। सुबह जल्दी उठे और स्नान करने से पूर्व अपनी नाभी पर सुगन्धित तेल लगाएॅं। शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के मंदिर मे इत्र अर्पित करें और उस दिन गुड-चनें बाॅटें। रोज सुबह अपने घर के मटकें मे जिसमें पानी रखते है उसमें पानी ताजा भरे और कुछ बूदें गंगा जल की मिला दें । प्रातः 1 घण्टे व शाम दीपक के समय 1 घण्टे गायत्री मंत्र की कैसेट घर मे चलाएॅ, वातावरण अत्यंत शुद्ध हो जाएगा और परेशानियाॅ स्वतः ही दूर होने लगेगी। सप्ताह मे एक बार शनिवार को घर मे सुंदर काण्ड सभी सदस्य मिलकर करें। रोज स्नान करके तीन पत्ते तुलसी के चबाएॅ फिर ही अन्य वस्तुएॅ ग्रहण करें। अपने घर मे पौछा करने से पूर्व जल मे थोडा नमक मिला लें। शनिवार के दिन किसी अपाहिज को भोजन अवश्य कराएॅ अथवा वस्त्र दान करें। नवग्रह स्तोत्र का पाठ रोज करें। हर बृहस्पतिवार को यह उपाय करें, 1 मोली लें और सात बार गायत्र मंत्र पढते हुए सात गाॅठे अलग-अलग बनाकर उसे गले मे धारण करें, अगले बृहस्पतिवार को नई मोली पर गाॅठे बनाएॅ और पुरानी पीपल मे चढा दें। यदि आप पर केाई बहुत बडी परेशानिया या संकट आया है या आने वाला है तो निम्न मंत्र को रोज कम से कम 21 बार पढे। दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ सम संकट भारी॥ गाय को गुड खिलानें के बाद उसके सिर पर हाथ फेरकर अपने मस्तक पर लगाएॅ। जो मिठाई आपकेा सबसे अधिक पसंद हो उसे सप्ताह मे एक बार स्वयं न खाकर गाय , कूत्ते व पक्षियों को खिलाएॅ। आपके घर मे पानी जहाॅ रखते है, उस स्थान पर रोज धुप करे और केसर चंदन के छींटें गिराएॅ। हर शनिवार केा दिन भगवान् षनि के मंदिर जाएॅ ओर हनुमान चालिसा का पाठ करें। मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाएॅ और 108 बार निम्न मंत्र का जाप करें। राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमें। सहस्त्र नाम तत्तुल्यम् रामनाम वरानने।। यदि घर के सम्मुख कोई पेड है अथवा आसपास कोई पेड है तो उस पेट पर पक्षियों को पीने का पात्र रखें और पात्र में जल भरें। अपने घर मे यदि किसी दरवाजे मे खोलने या बंद करते समय आवाज आती है तो उसे ठीक कराएॅ यह षुभ संकेत नहीे है। पुुजा या आरती षाम के समय जब भी करें घण्टी अवष्य बजाएॅ। हो सके तो धूप पूरे घर मे करते हूए साथ मे घण्टी भी अवष्य बजाएॅ। बृहस्पतिवार के दिन हल्दी थोडी मात्रा में ले और उसमें पानी मिलाकर गाढा कर लें और उसके बाद घर की प्रत्येक दीवार पर निष्चित स्थान पर एक बिंदी लगाएॅ, हर बृहस्पतिवार यह प्रयेाग करें।