इस तरह से दिया जलाने से होगा पित्र दोष शांत ((Jyotishacharya Dr Umashankar mishr-9415087711)) पितृपक्ष शुरू हो चुका है और यही वह समय है जब पितरों या पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि प्रकट कर सकते हैं। देवताओं को खुश करने से पहलेकिसी भी जातक को अपने पितरों को भी जरूर ही खुश करना चाहिए क्योंकि पितर भी देवता समान होते हैं। पितृ ऋण का मतलब ही होता है कि करे कोई और भरे कोई। ऐसे में बड़े बुजुर्गों द्वारा किए गए पापों का फल जातक को भोगना पड़ता है और उसका जीवन नर्क समान हो जाता है। पितरों को मुक्ति नहीं मिलती तो वह विपरीत योनि प्राप्त करके अपने ही कुल का नाश शुरू कर देते हैं। कई बार जातक ऐसे पापों की सजा भुगत रहे होते हैं जो किए ही नहीं और पता ही नहीं चलता कि हमारे साथ क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है? ऐसे में घर में कोई शुभ कार्य संपन्न नहीं होता, बच्चों के विवाह में विघ्न आते हैं, पुत्र प्राप्ति में कठिनाई आती है, धन-धान्य की कमी रहती है और घर में कलह क्लेश रहता है। लंबी बीमारियां घर में डेरा डाले रहती हैं। पित्र पक्ष में तर्पण और श्राद्ध करने के साथ-साथ आप एक उपाय और कर सकते हैं जिससे आपको भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी और पितरों की असीम कृपा प्राप्त होगी। जिससे घर में सुख समृद्धि और कामयाबी आएगी। यह उपाय शाम को या रात्रि में करें। शाम को नहा धोकर या मुंह हाथ धो कर स्वच्छ कपड़े पहने।फिर एक दिया तैयार करें और एक रूई की बाती लगाएं। मिट्टी का या पीतल का दिया ले सकते हैं। इस दीए में शुद्ध घी या सरसों का तेल डाल दें। इस दिए में थोड़े से काले तिल डाल ले। इसके बाद आप अपने घर के दक्षिण कोने को साफ करें और वहां पर दिया रख दे।दिए को सीधा जमीन पर ना रखें।दिए के नीचे कोई प्लेट, कटोरी या कोई कपड़ा बिछा दे। दिए के नीचे थोड़े से चावल भी रख ले।फिर इस दिए को जला दे।दिए की लौ दक्षिण दिशा में होनी चाहिए। 45 दिन लगातार करेंगे लाभ होगा l फिर भगवान श्री गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रणाम करें और फिर अपने पितरों को प्रणाम करें।फिर पितरों की शांति और उनकी आत्मा की मुक्ति की प्रार्थना करें और अपने लिए भी पितृदोष से मुक्ति की प्रार्थना करें। इसके बाद "ओम नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप 11 बार करें। इसके बाद "ओम पितृ देवताए नमः" मंत्र का पाठ 108 बार करें।इस मंत्र का जाप भी दक्षिण दिशा में मुंह करके ही करें। यह उपाय करते समय आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में पवित्रता का खास ध्यान रखें। महिलाएं पीरियड्स के दौरान यह उपाय ना करें।इस उपाय को परिवार का कोई भी सदस्य कर सकता है। तामसिक भोजन ना खाएं और यह दिया आप अपने घर पर ही जलाएं। अगले दिन दिए के नीचे रखे गए चावल पक्षियों को डाल दें।